- पोप फ्रांसिस की हालत गंभीर बनी हुई है।
- उनके रक्त परीक्षणों में प्रारंभिक किडनी failure दिखाई दिया है।
- दुनियाभर से उनके लिए प्रार्थनाएं की जा रही हैं।
- वेटिकन के अनुसार, वे उच्च प्रवाह ऑक्सीजन प्राप्त कर रहे हैं।
- न्यूयॉर्क के कार्डिनल टिमोथी डोलन ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
परिचय
पोप फ्रांसिस, जिनका जन्म जॉर्ज मारियो बर्गोग्लियो के रूप में हुआ था, कैथोलिक चर्च के प्रमुख और वेटिकन सिटी स्टेट के संप्रभु हैं। वे सोसाइटी ऑफ जीसस (जेसुइट ऑर्डर) से पहले पोप हैं और दक्षिणी गोलार्ध व अमेरिका से चुने जाने वाले पहले पोप भी हैं। अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में जन्मे बर्गोग्लियो ने गंभीर बीमारी से उबरने के बाद 1958 में जेसुइट्स में प्रवेश लिया। वे 1969 में कैथोलिक पादरी बने और 1998 में ब्यूनस आयर्स के आर्कबिशप के रूप में सेवा देने लगे। 2001 में पोप जॉन पॉल द्वितीय ने उन्हें कार्डिनल नियुक्त किया, और बाद में वे 2013 में पोप के रूप में निर्वाचित हुए।
मुख्य जानकारी
88 वर्षीय पोप फ्रांसिस के रक्त परीक्षणों में प्रारंभिक किडनी failure दिखाई दिया है, लेकिन वे सतर्क और प्रतिक्रियाशील हैं। वे निमोनिया और जटिल फेफड़ों के संक्रमण से जूझ रहे हैं। वेटिकन के अनुसार, वे उच्च प्रवाह ऑक्सीजन प्राप्त कर रहे हैं।
स्थिति के प्रमुख विवरण
वेटिकन ने बताया कि पोप फ्रांसिस ने सर्जिकल ऑक्सीजन थैरेपी के बावजूद रविवार (23 फरवरी, 2025) को मास में भाग लिया। उनके रक्त परीक्षण ने प्रारंभिक, हल्की गुर्दे की विफलता दिखाई है, जिसे डॉक्टर नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं।
दुनियाभर से प्रार्थनाएं
अर्जेंटीना से लेकर काहिरा तक और रोम के विद्यालयों से प्रार्थनाएं की जा रही हैं। न्यूयॉर्क के कार्डिनल टिमोथी डोलन ने कहा कि कैथोलिक विश्वासी ‘एक मरते हुए पिता के बिस्तर के पास’ एकजुट हैं।
अर्जेंटीना और काहिरा से समर्थन
अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में कैथेड्रल में प्रार्थनाएं की गईं और काहिरा में अल-अजहर के ग्रैंड इमाम ने पोप फ्रांसिस के लिए शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
वेटिकन की प्रतिक्रिया
वेटिकन ने कहा कि पोप फ्रांसिस के फेफड़ों में कोई नई समस्या नहीं आई है, लेकिन उनकी किडनी की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उनके डॉक्टरों ने कहा कि उनकी हालत ‘टच-एंड-गो’ है
चिकित्सा विशेषज्ञों की चिंताएँ
चिकित्सकों ने पोप फ्रांसिस की नाजुक स्थिति की वजह से चेतावनी दी है कि उनकी हालात लगातार बनी हुई है। उनके पूर्व स्थितियों के कारण उनका स्वास्थ्य चिंता का विषय बना हुआ है। पोप फ्रांसिस की इस स्थिति ने एक बार फिर से चर्चित किया है कि उनके अस्वस्थ होने की स्थिति में या अगर वे अचेत हो जाते हैं, तो चर्च का भविष्य क्या होगा।
निष्कर्ष
पोप फ्रांसिस की हालत गंभीर बनी हुई है, और वे दुनिया भर से समर्थन और प्रार्थनाएं प्राप्त कर रहे हैं। हालांकि डॉक्टर्स ने कहा है कि पोप की स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन उन्हें अभी भी सतर्क रहना होगा। सभी धर्मों के लोग उनके स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।