DRS मतलब धोनी रिव्यू सिस्टम कल भी था और आज भी है! यह बात मुंबई इंडियंस के खिलाफ चेन्नई सुपर किंग्स के मुकाबले में और पुख्ता हो गई। वानखेड़े स्टेडियम में माही ने टॉस जीता और पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। मुंबई इंडियंस की शुरुआत अच्छी रही और उसने बगैर विकेट खोए चौथे ओवर में 38 रन बना लिए। इसके बाद हिटमैन रोहित 13 गेंद पर 21 रन बना कर पवेलियन लौट गए। 7वें ओवर में जब टीम का स्कोर 64 रन था, ईशान किशन ने भी 21 गेंद पर 32 रन बनाकर पवेलियन का रास्ता पकड़ लिया। यहां से सूर्यकुमार यादव के लिए स्टेज बिल्कुल सेट था। अगर वह टिक जाते, तो मैदान पर तूफान उठा देते।

मिचेल सैंटनर के आठवें ओवर की दूसरी गेंद डाउन द लेग जा रही थी। सूर्या ने फाइन लेग की दिशा में स्वीप शॉट खेलने का प्रयास किया लेकिन चूक गए। अंपायर ने महेंद्र सिंह धोनी की अपील को अनसुना करते हुए गेंद को वाइड करार दे दिया। सूर्यकुमार यादव पवेलियन की तरफ बढ़ चुके थे, लेकिन अंपायर का इशारा देख कर रुक गए। माही ने अगले ही पल DRS ले लिया। रिव्यू में साफ दिखाई पड़ा कि बॉल सूर्या के ग्लव से लगते हुए माही के दस्तानों में गई थी। अल्ट्रा एज में स्पाइक देखते ही सूर्या लौट गए। महेंद्र सिंह धोनी ने जिस तरह लेग स्टंप के काफी ज्यादा बाहर जा रही गेंद पर कैच पकड़ा, वह माही की फिटनेस और तेजी दिखाने के लिए काफी है।

अगर धोनी की जगह कोई और विकेटकीपर होता, तो कैच लपकने के बाद DRS को लेकर थोड़ा आशंकित होता। अपने साथी खिलाड़ियों से एक पल को सलाह-मशविरा करता। शायद रिव्यू करने में थोड़ा हिचकिचाता। पर महेंद्र सिंह धोनी अलग हैं। इंटरनेशनल करियर से लेकर IPL तक… अगर थाला ने किसी डिसीजन के खिलाफ अपील कर दी तो मतलब साफ है कि अंपायर को माफी मांग कर अपना निर्णय बदलना होगा। आज भी कुछ नहीं बदला। 41 वर्ष की उम्र में भी DRS का मतलब धोनी रिव्यू सिस्टम है। धोनी की शानदार विकेटकीपिंग के बदौलत सूर्या सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए और मुंबई को 67 पर तीसरा झटका लग गया। माही ने अपने दम पर तूफान को मुट्ठी में बंद कर लिया।

धोनी के इस एक डिसीजन के कारण मुंबई 20 ओवर में 8 विकेट खोकर सिर्फ 157 रन बना सकी और बदले में उसे 7 विकेट से हार नसीब हुई। अगर सूर्यकुमार यादव बीच मैदान कुछ ओवर खेल गए होते, तो यह स्कोर निश्चित तौर पर 180 के आसपास पहुंच सकता था। वहां से मुकाबला बन जाता लेकिन माही ने ऐसा नहीं होने दिया। अगर आपको खुद पर विश्वास है, तो दुनिया में कोई भी आपको नीचे नहीं गिरा सकता। 41 साल की उम्र में भी महेंद्र सिंह धोनी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर बल्लेबाज हैं। धोनी के आगे दूर-दूर तक कोई नहीं है। जब तक माही क्रिकेट खेलेगा, तब तक DRS का मतलब धोनी रिव्यू सिस्टम ही रहेगा।
